‘’मै ४ साल की थी| एक शाम घर में सिर्फ चाची और मैं थी|| उनके दूर के रिश्ते के भाई आये हुये थे| और मैं उनके गोद में बैठी खेल रही थी| मेरी चाची किसी काम से कमरे के बाहर गयीं और मेरे उस दूर के मामा ने बड़े अजीब ढंग से मेरे जाँघों के बीच सहलाना शुरू किया| अचानक चाची आ गयीं और वो उठ कर चले गये| मेरी माँ की आने पर मैंने जब उनको ये बात कही तो उन्होंने मेरी चाची को बताया और उस मामाजी का घर में आना बंद हो गया| फिर मैं ९ साल की हुई | भीड़ भाड़ वाले स्टेशन पर एक आदमी बार बार मेरे सीने को दबाए जा रहा था और मै दर्द से बिलबिला रही थी| घर पहुँच कर माँ को बताने पर जब कोशिश की गयी उसे ढूंढने की तो वो नहीं मिला| मेरी उम्र १० साल| अपने मामाजी के शादी में गाँव में गयी थी| रात में जब आर्केस्ट्रा हो रहा था तो मैं भी वहाँ थी| थकान के वजह से नीचे पुवाल पर लेट गयी और आंख लग गयी| मेरे पाटों के बीच में किसी के उँगलियों के सरसराहट से मेरी नींद अचानक खुली और मैं चीख मारकर बैठ गयी| सबने पूछना शुरू किया कि क्या हुआ और मैं बोल ना पायी क्योंकि मैं नहीं जानती थी कि वो कौन था और शायद मैं थोड़ी बड़ी हो गयी थी और देख सुन कर ये समझने लगी थी कि इन सारी बातों को छुपाते हैं| मेरी उम्र १६ साल| मैं पूरी तरह से जानती हूँ कि किस स्पर्श का मतलब क्या है और हर वक्त सजग रहती हूँ| इतनी सजग की रिश्तेदारों की आने पर या उनके यहाँ जाने पर मैं सो नहीं पाती| मैं २१ वर्ष की | कॉलेज के प्रोफ़ेसर ने डाउट पूछने जाने पर मेरा हाथ कुछ इस तरह पकड़ा की वो स्पर्श मेरे ज़ेहन में आज भी है| मैं २४ साल की हूँ| एक बैंक में काम करती हूँ| ओहदा है, मान है|मगर मेरे बॉस ने प्रमोशन देने के नाम पर मेरे साथ एक रात बिताने की ख्वाईश रखी| मैंने वो नौकरी छोड़ दी जिसको पाने के लिये मैंने दिन रात एक किये थे| मैं २६ साल की | अब शादी शुदा और नए जीवन में सतरंगी सपने सजाये जीने की कोशिश में| जीवन के पहिये को आगे बढाती मगर अपने हीं देवर के भद्दे मज़ाक और छेड छाड़ को पारिवारिक एकता के लिये झेलती | कुछ दिनों बाद वो देवर किसी सहयोगी के साथ जबरदस्ती करने के आरोप में गिरफ्तार हुआ| फिर लगा काश! मैंने पहले आवाज़ उठायी होती तो आज शायद उस लड़की को बचा पाती| मैं ३५ वर्ष की| एक दिन रात को घर लौटते वक्त थोड़ी देर हो गयी और ऑटो में सफर करते वक्त २ मर्दों के भद्दे इशारों और बतमीजी की शिकार| घर आकर बहुत रोयी|पर फिर कुछ कह ना पायी| मैं, मैं एक बच्ची हूँ , एक लड़की और फिर एक औरत| ये मेरी छोटी सी कहानी है|’’
स्वाति

मर्मस्पर्शी !!!
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